इस संदर्भ में, 29 दिसंबर, 2015 को एस.डी.एस.सी.-शार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें अध्यक्ष, इसरो तथा एस.डी.एस.सी.-शार के सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ इसरो/अं.वि. के भूतपूर्व एवं वर्तमान वरिष्ठ पदाधिकारियों ने शिरकत की।
श्री आ.सी. किरणकुमार, अध्यक्ष, इसरो ने निर्जन द्वीप समूह से विश्वस्तरीय प्रमोचन केंद्र बनने में एस.डी.एस.सी.-शार की उत्पत्ति की जानकारी दी। उन्होंने सफल मिशनों को बनाए रखने में इसरो की टीम भावना की भूमिका के बारे में व्याख्यान प्रस्तुत किया।
प्रशस्ति का मार्ग
यह बहुत ही रोचक बात है कि डॉ. विक्रम ए. साराभाई एवं प्रो. सतीश धवन की दूरदर्शी सोच ने नैसर्गिक सुंदरता वाले छोटे द्वीप को विश्वस्तरीय प्रमोचन केंद्र में कैसे रूपांतरित किया। यह यात्रा प्रथम उपग्रह प्रमोचक रॉकेट एस.एल.वी.-3 के समेकन एवं प्रमोचन हेतु सुविधाओं के निर्माण के साथ शुरू हुई। शुरू में, एस.एल.वी.-3 एवं संवर्धित उपग्रह प्रमोचक राकेट (ए.एस.एल.वी.) के प्रथम पीढ़ी के प्रमोचक राकेटों के लिए स्वतंत्र प्रमोचन पैड की स्थापना की गई थी।
तत्पश्चात, प्रथम प्रमोचन पैड एवं द्वितीय प्रमोचन पैड नामक दो सर्वतोमुखी प्रमोचन पैडों की स्थापना की गई थी। दोनों पैडों में पी.एस.एल.वी. एवं जी.एस.एल.वी. के वर्तमान प्रचालनात्मक राकेटों का समेकन एवं प्रमोचन करने की सुविधा उपलब्ध है। द्वितीय प्रमोचन पैड अगली पीढ़ी के प्रमोचक राकेट जी.एस.एल.वी.-मार्क III के समेकन एवं प्रमोचन की आवश्यकताएं पूरा करने हेतु संवर्धित किया गया है। समानांतर रूप में इसरो के सभी प्रमोचक राकेटों के लिए आवश्यक ठोस मोटरों के उत्पादन हेतु सुविधाएं स्थापित की गई हैं।
बदलाव के चरण
प्रमोचनों की साधारण आवृत्ति से शुरुआत करते हुए, अब हमने पिछले 6 महीनों के भीतर 4 सफल मिशनों के साथ प्रचालन के स्तर में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन को देखा है। इसरो/अं.वि. की सभी टीमों के अथक प्रयासों से एस.डी.एस.सी.-शार से दिसंबर 2015 तक हुए प्रमोचनों को पूरा कर लिया गया है।
पिछले दो वर्षों के दौरान, प्रतिवर्ष पाँच प्रमोचनों को पूरा किया गया तथा निकट भविष्य में प्रमोचन आवृत्ति को बढ़ाकर 8 मिशनों तक करने का तथा बाद में प्रति वर्ष 12 से अधिक मिशनों को पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया है। भविष्य के इन लक्ष्यों को पूरा करने की ओर, दूसरे प्रमोचन पैड की ओर उपयुक्त अंतरापृष्ठ सहित, अतिरिक्त समेकन सुविधा के तौर पर दूसरे राकेट समुच्चयन भवन (एस.वी.ए.बी.) को पूरा किया जा रहा है। ठोस मोटर उपत्पादन तथा अन्य प्रमोचन बेस अवसंरचना में आवश्यक संवर्धनों की योजना भी बनाई जा रही है।
श्रीहरिकोटा, भारत से प्रक्षेपण | |||
राकेट | प्रक्षेपण दिनांक | परिणाम | |
1. | एस.एल.वी.-3 ई.1 | 10 अगस्त, 1979 | असफल |
2. | एस.एल.वी.-3 ई.2 | 18 जुलाई, 1980 | सफल |
3. | एस.एल.वी.-3 डी.1 | 31 मई, 1981 | सफल |
4. | एस.एल.वी.-3 डी.2 | 17 अप्रैल, 1983 | सफल |
5. | ए.एस.एल.वी.- डी.1 | 24 मार्च, 1987 | असफल |
6. | ए.एस.एल.वी.- डी.2 | 13 जुलाई, 1988 | असफल |
7. | ए.एस.एल.वी.- डी.3 | 20 मई, 1992 | सफल |
8. | पी.एस.एल.वी.- डी.1 | 20 सितंबर, 1993 | असफल |
9. | ए.एस.एल.वी.- डी.4 | 4 मई, 1994 | सफल |
10. | पी.एस.एल.वी.- डी.2 | 15 अक्तूबर, 1994 | सफल |
11. | पी.एस.एल.वी.- डी.3 | 21 मई, 1996 | सफल |
12. | पी.एस.एल.वी.- सी.1 | 29 सितंबर, 1997 | सफल |
13. | पी.एस.एल.वी.- सी.2 | 26 मई, 1999 | सफल |
14. | जी.एस.एल.वी.- डी.1 | 18 अप्रैल, 2001 | सफल |
15. | पी.एस.एल.वी.- सी.3 | 22 अक्तूबर, 2001 | सफल |
16. | पी.एस.एल.वी.- सी.4 | 12 सितंबर, 2002 | सफल |
17. | जी.एस.एल.वी.-डी.2 | 8 मई, 2003 | सफल |
18. | पी.एस.एल.वी.- सी.5 | 17 अक्तूबर, 2003 | सफल |
19. | जी.एस.एल.वी.- एफ.01 | 20 सितंबर, 2004 | सफल |
20. | पी.एस.एल.वी.- सी.6 | 5 मई, 2005 | सफल |
21. | जी.एस.एल.वी.-एफ.02 | 10 जुलाई, 2006 | असफल |
22. | पी.एस.एल.वी.- सी.7 | 10 जनवरी, 2007 | सफल |
23. | पी.एस.एल.वी.- सी.8 | 23 अप्रैल, 2007 | सफल |
24. | जी.एस.एल.वी.-एफ.04 | 2 सितंबर, 2007 | सफल |
25. | पी.एस.एल.वी.- सी.10 | 20 जनवरी, 2008 | सफल |
26. | पी.एस.एल.वी.- सी.9 | 28 अप्रैल, 2008 | सफल |
27. | पी.एस.एल.वी.- सी.11 | 22 अक्तूबर, 2008 | सफल |
28. | पी.एस.एल.वी.- सी.12 | 20 अप्रैल, 2009 | सफल |
29. | पी.एस.एल.वी.- सी.14 | 23 सितंबर, 2009 | सफल |
30. | जी.एस.एल.वी.- डी.3 | 15 अप्रैल, 2010 | असफल |
31. | पी.एस.एल.वी.- सी.15 | 12 जुलाई, 2010 | सफल |
32. | जी.एस.एल.वी.-एफ.06 | 25 दिसंबर, 2010 | असफल |
33. | पी.एस.एल.वी.- सी.16 | 20 अप्रैल, 2011 | सफल |
34. | पी.एस.एल.वी.- सी.17 | 15 जुलाई, 2011 | सफल |
35. | पी.एस.एल.वी.- सी.18 | 12 अक्तूबर, 2011 | सफल |
36. | पी.एस.एल.वी.- सी.19 | 26 अप्रैल, 2012 | सफल |
37. | पी.एस.एल.वी.- सी.21 | 09 सितंबर, 2012 | सफल |
38. | पी.एस.एल.वी.- सी.20 | 25 फरवरी, 2013 | सफल |
39. | पी.एस.एल.वी.- सी.22 | 01 जुलाई, 2013 | सफल |
40. | पी.एस.एल.वी.- सी.25 | 05 नवंबर, 2013 | सफल |
41. | जी.एस.एल.वी.- डी.5 | 05 जनवरी, 2014 | सफल |
42. | पी.एस.एल.वी.- सी.24 | 04 अप्रैल, 2014 | सफल |
43. | पी.एस.एल.वी.- सी.23 | 30 जून, 2014 | सफल |
44. | पी.एस.एल.वी.- सी.26 | 16 अक्तूबर, 2014 | सफल |
45. | जी.एस.एल.वी. मार्क III-X | 12 दिसंबर, 2014 | सफल |
46. | पी.एस.एल.वी.- सी.27 | 28 मार्च, 2015 | सफल |
47. | पी.एस.एल.वी.- सी.28 | 10 जुलाई, 2015 | सफल |
48. | जी.एस.एल.वी.- डी.6 | 27 अगस्त, 2015 | सफल |
49. | पी.एस.एल.वी.- सी.30 | 28 सितंबर, 2015 | सफल |
50. | पी.एस.एल.वी.- सी.29 | 16 दिसंबर, 2015 | सफल |